From Indira to Modi: How Wartime Triumphs Shape Political Narratives
The transformation of wartime leadership from 1971 to 2025 reveals a shift—from collective military triumph to individual political branding—reshaping public perception of victory, leadership, and historical recognition.
बड़ी महंगी पड़ी बिरयानी
उरि का बदला हमने भिंबर में लिया वहां स्थित आतंकियों के अनेक ठिकाने नेस्तनाबूत कर के। भिंबर पर आज भले ही पाकिस्तान का कब्जा हो, पर यह इलाका हमारा ही है। भिंबर शहर सहित भिंबर घाटी का बड़ा भाग पाक अधिकृत कश्मीर में है, जबकि नियंत्रण रेखा जिस जगह से गुजरती है, उसे भिंबर गली […]
दस नहीं, बस एक चाहिए
एक थे पहलवानजी। नई-नई शादी हुई थी। सुहागरात पर उन्होंने अपनी पत्नी से बड़े ही प्यार से पूछा- पंजा लड़ाएगी? पूरा देश जब पाकिस्तान से अपने फौजियों की शहादत का हिसाब मांग रहा है तो हमारे प्रधानमंत्री कुछ वैसे ही पाकिस्तानियों (पाकिस्तान को नहीं) को चुनौती दे रहे हैं – आइए, गरीबी से लड़ाई लड़ते […]
हद की भी तो हद होगी?
अब तो अति की भी अति हो चुकी। हद भी अपनी तमाम हदें पार कर चुका। संसद भवन के बाद मुंबई, फिर पठानकोट और अब उरी। जबकि हम हैं कि योगी बने बैठे हैं। धुनी जमाए हुए हैं। सही समय का इंतजार कर रहे हैं। सही जगह के चुनाव में लगे हैं। अगर सही समय […]
“मरने वाला मेरा बेटा था जनाब”
51 दिनों के बाद आखिरकार कश्मीर में कर्फ्यू हटा दिया गया। हालांकि मामला शान्त हो गया है, ऐसा नहीं कहा जा सकता। कर्फ्यू के हटाए जाते ही श्रीनगर के बटमालू में फिर से प्रदर्शन शुरु हो गए। ऐसे में वहां फिर से कर्फ्यू लगाना पड़ा। पिछली 8 जुलाई को बुरहन वानी के मारे जाने के […]
Sun Temples and the Growth of Agrarian Society
Transcript of my paper entitled “Sun Temples and the Growth of Agrarian Society” presented at the International Seminar on Archaeology and Language held at Deccan College, Pune. While there are innumerable events – from the advent of Harappan culture to the first non-Congress government at the center with an absolute majority of its own – […]