नाम बड़े और दर्शन छोटे
नाम बड़े और दर्शन छोटे कैसे मैं कैलाशपति मिश्र की राजनीति का शिकार हुआ झूलन जी को दूर से देखकर मैंने हाथ हिलाया तो वह भागे-भागे मेरे पास पहुंच गए।कैलासपति मिसिर वाला कहानी नहीं सुनाइएगा? अपनी आदत के अनुसार उन्होंने इस बार भी बिना किसी दुआ-सलाम के अपनी फरमाइश रख दी।कौन सी कहानी? मैंने अनजान […]
यूँ बढ़ गई ज़िन्दगी छोटे साहब की
यूँ बढ़ गई ज़िन्दगी छोटे साहब की रौ में बहकर कह गए वह ढेर सारी बातें सुबह से ही किसी अनजान नंबर से फोन आ रहा था और इत्तेफाक से मैं हर बार किसी काम में लगा होने की वजह से उसे उठा नहीं पा रहा था। आदतन मैं किसी का फोन कॉल नहीं उठाने […]
जंगल में भालू, बिहार में लालू
जंगल में भालू, बिहार में लालू टीवी प्रोग्राम का होस्ट होना उनकी किस्मत में न था उन्हें भीतर आता देख मैं अपनी कुर्सी से उठ खड़ा हुआ। मुझे देखते ही उनकी बाछें खिल गई। उन्हें जरा भी उम्मीद नहीं थी कि मैं उनसे पहले पहुंचकर उनका इंतजार करता मिलूंगा।मैंने अपने सामने की खाली कुर्सी की […]
नाम तो बताएं, जरा धाम तो बताएं
नाम तो बताएं, जरा धाम तो बताएं जनता की ठठरी पर जनप्रतिनिधियों के ठाठ वह फिर मुझे सामने से आते दिख गए। उन्होंने भी मुझे देख लिया और मुझे कन्नी काटकर निकलने का वक्त न मिल सका।वह लपक कर मेरे पास आ पहुंचे और शिकायती लहजे में कहा, आपने तो भाई हफ्ते भर से परेशान […]
झूलतो पुल का अतीत और वर्तमान
गुजरात के मोरबी जिले में मच्छू नदी पर बना झूलतो पुल अपनी अद्भुत कारीगरी के लिए विख्यात था। तारों के सहारे झुलते रहने की वजह से उसे झूलतो पुल कहा जाता था। गुजराती में इसका मतलब है झूलनेवाला पुल। बना तो था वह अंग्रेजों के समय में, पर उसे बनवाने वाले थे मोरबी के राजा […]
आजकल आप कहां हैं?
आजकल आप कहां हैं? वे बहुत दिनों बाद मिले थे सो उन्होंने पूछा, आज कल कहां हैं आप?दिल्ली एनसीआर में. मैंने संक्षिप्त जवाब दिया।मेरा मतलब था, किस पार्टी में हैं आप? उन्होंने अपना सवाल समझाते हुए फिर से पूछा।टेक्निकली स्पीकिंग, भाजपा में क्योंकि यहां से न निकला हूं, ना निकाला गया हूं।गोल-गोल न बोलिए, मतलब […]
