अमेरिका है कर रहा जैसे को तैसा, क्या हम भी करेंगे चीन से ऐसा?

भारत पहले ही साढ़े 18 करोड़ अमेरिकी डॉलर का व्यापार घाटा उठा रहा है। अमेरिका की इस नई निति के कारण उसका यह घाटा और भी बढ़ेगा। देखा जाए तो सिर्फ चीन से ही अपना व्यापार संतुलन बनाकर भारत बहुत हद तक अपना व्यापार घाटा पूरा कर सकता है।
रतन टाटाः जो यादों में हों, वे जाते नहीं

जिन्हें उनके शरीर की वजह से याद रखा जाता है, उन्हें उतनी ही जल्दी भुला भी दिया जाता है। जिन लोगों को उनके काम और संस्कार की वजह से याद रखा जाता है, उन्हें भूलना आसान नहीं होता।
एक्सट्रा “2 एबी” आया कहां से?
एक्सट्रा 2-एबी आखिर आया कहां से! अब तक छह दौर के मतदान हो चुके हैं और केवल एक दौर का मतदान ही शेष है। चुनाव आयोग के अनुसार पहले दौर में कुल 66.14 फीसदी मतदान हुए। दूसरे दौर में मतदान का प्रतिशत 66.71 रहा। तीसरे दौर की बात करें तो वह 65.68 था जो कि […]
एनडीए के घटक दल क्या मोदी पर बोझ हैं?
एनडीए के घटक दल क्या मोदी पर बोझ हैं? एनडीए 40-42 दलों का जमावड़ा तो बन गया पर ले-देकर उसमें भाजपा ही जिसका कोई मोल है। और भाजपा में भले ही अमित शाह से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं की भरमार हो पर ले-देकर वह मोदी पर ही आश्रित है। देखा जाए तो एनडीए के […]
राहुल तो भाग गयो, तेरा क्या होगा इसमिरितिया?
तो अंततः राहुल गाँधी बनाम स्मृति ईरानी होते-होते रह गया। राहुल अब वायनाड के साथ-साथ रायबरेली से चुनाव लड़ रहे हैं। स्मृति ईरानी अब तक राहुल के खिलाफ बोल-बोलकर अपनी राजनीति चमकाती रही थीं। उनकी कीर्ति विभिन्न मंत्रालय में उनके कामों को लेकर नहीं, बल्कि राहुल गाँधी को अमेठी में हराने को लेकर है। अब […]
मांगेगा कौन प्रधान सेवक से हिसाब?
Complete list of the donors and the recipients of Electoral Bonds as per the information provided by the SBI.
